Kanwad Yatra: कांवड़ यात्रा अब अपने अंतिम चरण में पहुंच रही है। लखनऊ-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर शिवभक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है। गोमुख, हरिद्वार और ब्रजघाट से गंगाजल लेकर लौट रहे कांवड़ियों की लंबी कतारें हाईवे पर नजर आ रही हैं। चारों तरफ भगवा वस्त्रों में श्रद्धालु दिखाई दे रहे हैं और ‘बोल बम’ तथा ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से माहौल भक्तिमय बना हुआ है। सजी कांवड़ बनी आकर्षण का केंद्र कांवड़ यात्री भजनों की धुन पर झूमते हुए आगे बढ़ रहे हैं। कई श्रद्धालुओं ने अपनी कांवड़ को बेहद आकर्षक तरीके से सजाया है। बड़ी कांवड़ों के साथ भगवान शिव, माता पार्वती और अन्य देवी-देवताओं की झांकियां भी यात्रा में शामिल हैं। शिव और माता पार्वती की वेशभूषा में कलाकारों का नृत्य राहगीरों और स्थानीय लोगों का ध्यान खींच रहा है। झांकियां देखने के लिए सड़क किनारे लोगों की भीड़ भी नजर आ रही है। हाईवे किनारे सेवा शिविरों की व्यवस्था कांवड़ यात्रियों की सुविधा के लिए हाईवे के आसपास कई अस्थायी शिविर लगाए गए हैं। सामाजिक और धार्मिक संगठनों की ओर से संचालित इन शिविरों में श्रद्धालुओं के लिए भोजन, पेयजल, विश्राम और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था की गई है। चिकित्सा शिविरों में भी लगातार श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। लंबी दूरी तय कर रहे कांवड़ियों के लिए ये सेवा शिविर राहत का प्रमुख केंद्र बने हुए हैं। हाईवे पर बढ़ती भीड़ से बदला नजारा रविवार को गोमुख, हरिद्वार और ब्रजघाट से गंगाजल लेकर बड़ी संख्या में श्रद्धालु क्षेत्र से गुजरे। कांवड़ पटरी के अलावा बड़ी संख्या में यात्री हाईवे से भी अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं। यात्रा के अंतिम दौर में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने से पूरा क्षेत्र शिवभक्ति में डूबा नजर आ रहा है। अब जैसे-जैसे कांवड़िए अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं, हाईवे पर आस्था और भक्ति का यह नजारा और भी व्यापक होता दिखाई दे रहा है। ये भी पढ़ें: ‘बम भोले’ से गूंजा पश्चिमी UP, सड़कों पर कांवड़ियों का सैलाब, डाक कांवड़ ने बढ़ाई रफ्तार